Wednesday, October 21, 2015

திருமந்திரம் --திருமூலர் -तिरुमंत्र -तिरुमूलर

திருமந்திரம் --திருமூலர்  तिरुमंत्र -तिरुमूलर 

ஊரும் உலகமும் ஒக்கப் படைக்கின்ற 

பேரறி வாளன் பெருமை குறித்திடில் 

மேருவும் மூவுல காளியில் அங்கு எழும் 

தாரணி நால்வகைச் சைவமும் ஆமே.

   यह काम किसी से भी नहीं हो सकता ,
  कौन -सा  काम ?
 शहर या गांव ,उनमें रहनेवाले जीव राशी   आदि
 सब की सृष्टिकर्ता 
ज्ञान-स्वरूपी परमेश्वर की विशिष्टताओं और विशेषताओं 
का  वर्णन करना.
यह धरती मेरु पर्वत  और तीनों लोकों की सृष्टिकर्ता 
परमेश्वर की कृपा  से  बनी है;
शिव में ऐक्य होने भक्तों से पता चलाये शैव मार्ग ,
उनमें वर्णित  ईश्वर के गुण श्रेष्ठता का परिमाण कोई भी नाप नहीं सकता;
इस को मार्ग दिखाने का मत है शैव मत। ए मार्ग शुद्ध ,अशुद्ध.अति शुद्ध ,शैव मार्ग आदि चार तरह के होते हैं;
शुद्ध शैव  का अर्थ है परमेश्वर में  स्थिर रहने का आशक्त मार्ग। 
Post a Comment